ह – अक्षर से पर्यायवाची शब्द

अक्षर से पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित हैं. 
  • हंस- मराल, सरस्वतीवाहन, मुक्तभुक्. 
  • हँसी- मुस्कान, मुस्कुराहट, हास्य, दिल्लगी, मजाक, विनोद, स्मिति. 
  • हँसमुख- खुशमिजाज, जिंदादिल, प्रफुल्ल, प्रसन्नवदन, प्रसन्नचित्त. 
  • हठ- जिद, अड़, टेक, दुराग्रह. 
  • हत्या- वध, कत्ल, खून, जीवघात. 
  • हताश- निराश, मायूस, आशाहीन, आशारहित. 
  • हथियाना- अधिकार जमाना, कब्जियाना, हड़पना, दबाना, दखल करना, अधिग्रहण. 
  • हाथी- गज, गजेंद्र, गयन्द, हस्ती, करी, कुंजर, दन्ती, द्विरद, द्विप, नाग, कुम्भी, सिन्धुर, मतंग, वारण, व्याल, वितुण्ड. 
  • हरि- इंद्र, चंद्र, विष्णु, बंदर, सिंह, लक्ष्मीपति, पृथ्वीपति, पृथ्वीनाथ, त्रिलोकीनाथ. 
  • हनुमान- पवनपुत्र, पवनसुत, पवनकुमार, कपीश, कपीश्वर, महावीर, रामदूत, मारुतिनंदन, मारुततनय, बज्रांगी, बजरंगबली, अांजनेय, अंजनिपुत्र, केशरीनंदन. 
  • हर्ष- खुशी, आनंद, आमोद, प्रसन्नता, आह्लाद. 
  • हर्षित- खुश, प्रसन्न, प्रफुल्ल, प्रमुदित, आह्लादपूर्ण. 
  • हार- मात, शिकस्त, पराजय, पराभव. 
  • हेय- तुच्छ, घटिया, तिरस्कारपूर्ण, उपेक्षापूर्ण, अनादरणीय, गर्हित, नाचीज, नगण्य. 
  • हवाला- अर्पण, समर्पण, सुपुर्दगी, हस्तान्तरण. 
  • हित- भला, भलाई, उपकार, मंगल, कल्याण. 
  • हितैषी- शुभेच्छु, शुभकामी, शुभचिंतक, हितचिंतक, मंगलाकांक्षी. 
  • ह्रास- कमी, घटाव, गिरावट, हानि, क्षय, क्षति, न्यूनता. 
  • हिरन- हरिण, मृग, सारंग, बारहसींगा, सुरभी, चितल, कुरंग. 
  • हिम- बर्फ, तुषार, तुहिन, नीहार. 
  • हिमालय- हिमाद्रि, हिमगिरि, हिमपति, हिमाञ्चल, नगराज, गिरिराज, नगपति, शैलेंद्र. 
  • हिस्सेदार- भागीदार, साझेदार, अंशधारी, अंशभागी. 
पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं
Synonym को हिंदी भाषा में पर्यावाची या समानार्थी कहते हैं. हिंदी भाषा में भी कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिन का अर्थ दूसरे शब्द के लगभग समान अर्थ होते हैं उसे Synonym Word यानी पर्यावाची शब्द कहते हैं. पर्यावाची शब्द का परिभाषा – समान अर्थ रखने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं. उदाहरण के तौर पर अनुपम का मतलब अनोखा होता है और आदित्य का मतलब यूनिक होता है. अनुपम एवं आदित्य के लगभग समान अर्थ हैं इसलिए यह दोनों शब्द पर्यायवाची शब्द है. 
पर्यायवाची शब्दों का ज्ञान क्यों आवश्यक है?
लेखन में लगातार एक ही शब्द का प्रयोग करने से लेखन उबाऊ हो जाता है. जिससे पढ़ने वाले को नयापन नहीं लगता है. पढ़ने वाले की दृष्टि से अगर उसे पर्यायवाची शब्द का सही मतलब समझ में आएगा तो भाषा की समझ बेहतर हो जाती है. भाषा की सुंदरता एवं आदित्यता बनाए रखने के लिए पर्यायवाची शब्द का प्रयोग आवश्यक माना होता है. लेकिन इसका प्रयोग ध्यान पूर्वक करना चाहिए. उचित शब्दों का चयन करना अति आवश्यक होता है.

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