ऋ – अक्षर से पर्यायवाची शब्द

अक्षर से पर्यायवाची शब्द निम्नलिखित हैं. 
  • ऋद्धि- वृद्धि, बढ़ती, बढ़ोत्तरी, सम्पन्नता, समृद्धि. 
  • ऋषि- सन्त, साधु, मुनि, महात्मा, मन्त्रद्रष्टा, मनीषी. 

ऋषि: ऋषि एक आध्यात्मिक श्रेष्ठता का प्रतीक होता है, जिन्होंने अपने आध्यात्मिक ज्ञान और तपस्या के माध्यम से उद्घाटित ज्ञान को प्राप्त किया होता है। ऋषियों का मुख्य उद्देश्य आत्मा के अद्वितीयता और ब्रह्म के साक्षात्कार की प्राप्ति होती है।

सन्त: सन्त एक आध्यात्मिक गुरु या शिक्षक को सूचित करने वाला शब्द होता है, जिन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों को मार्गदर्शन दिया होता है। सन्तों का मुख्य उद्देश्य भगवान के प्रति भक्ति और आत्मा के मोक्ष की प्राप्ति होती है।

साधु: साधु वह व्यक्ति होते हैं जो आध्यात्मिक जीवन में विशेष रूप से रत्नों, सुख-शांति और सत्य की प्राप्ति करने का उद्देश्य रखते हैं। वे आमतौर पर संसारिक आसक्तियों से परे रहते हैं और सामाजिक सेवा का कार्य करते हैं।

मुनि: मुनि वह आध्यात्मिक व्यक्ति होते हैं जो संसार की आकर्षणा को छोड़कर संन्यास लेते हैं। वे आध्यात्मिक तपस्या, ध्यान और ज्ञान के माध्यम से अपने आत्मा की पहचान करने का प्रयास करते हैं।

महात्मा: महात्मा एक महान आदर्श, संत या विचारक को सूचित करने वाला शब्द होता है, जिन्होंने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से समाज में सुधार का प्रयास किया होता है।

मन्त्रद्रष्टा: मन्त्रद्रष्टा वह व्यक्ति होता है जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया होता है और उन्होंने उपदेशों और मंत्रों के माध्यम से अपने शिष्यों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया होता है।

मनीषी: मनीषी वह व्यक्ति होता है जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ विचारशीलता और बुद्धि की ऊँचाइयों को प्राप्त किया होता है। वे जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में सक्षम होते हैं और आदर्शों के पालन में सामर्थ्य रखते हैं।

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं
Synonym को हिंदी भाषा में पर्यावाची या समानार्थी कहते हैं. हिंदी भाषा में भी कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिन का अर्थ दूसरे शब्द के लगभग समान अर्थ होते हैं उसे Synonym Word यानी पर्यावाची शब्द कहते हैं. पर्यावाची शब्द का परिभाषा – समान अर्थ रखने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं. उदाहरण के तौर पर अनुपम का मतलब अनोखा होता है और आदित्य का मतलब यूनिक होता है. अनुपम एवं आदित्य के लगभग समान अर्थ हैं इसलिए यह दोनों शब्द पर्यायवाची शब्द है. 
पर्यायवाची शब्दों का ज्ञान क्यों आवश्यक है?
लेखन में लगातार एक ही शब्द का प्रयोग करने से लेखन उबाऊ हो जाता है. जिससे पढ़ने वाले को नयापन नहीं लगता है. पढ़ने वाले की दृष्टि से अगर उसे पर्यायवाची शब्द का सही मतलब समझ में आएगा तो भाषा की समझ बेहतर हो जाती है. भाषा की सुंदरता एवं आदित्यता बनाए रखने के लिए पर्यायवाची शब्द का प्रयोग आवश्यक माना होता है. लेकिन इसका प्रयोग ध्यान पूर्वक करना चाहिए. उचित शब्दों का चयन करना अति आवश्यक होता है.

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